| नैटस्टील एशिया एवं टाटा स्टील -
युगों-युगों के साझीदार ! |
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नैटस्टील एशिया एवं टाटा स्टील - युगों-युगों के साझीदार ! एशिया के पहले और निजी क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े स्टील प्लांट, टाटा स्टील एवं नैटस्टील एशिया के बीच एक सु्दृढ़ साझेदारी स्थापित हो चुकी है। एक ऐसी साझेदारी जिसका लक्ष्य एशियाई देशों में वृहत स्तर पर उभर रहे अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाना है। टाटा स्टील की स्पर्द्धात्मक स्टील मेकिंग दक्षता एवं एकाधिकार वाले रॉ मेटेरियल के इसके स्रोत, क्षेत्र में नैटस्टील एशिया के स्टील मिल्स के नेटवर्क के साथ मिलकर, आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में एशिया की प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
निकट भविष्य में, इस नये अस्तित्व के पक्ष में जो लाभ होने वाला है, वो है स्टील की लागत में कमी होना। इसके अलावा,
नैटस्टील एशिया एवं टाटा स्टील अपने ग्राहकों को उत्पादों की व्यापक श्रेणी उपलब्ध करा पाने और ख़ास तौर पर अपने इंस्टीट्यूशनल बायर्स को ज़्यादा प्रभावी एवं कम्प्लीट स्टील सॉल्यूशन प्रदान करने में सक्षम होंगे।
ऑपरेशन के स्तर पर, दोनों संगठन मैन्युफैक्चरिंग एवं मार्केटिंग के सर्वश्रेष्ठ कार्याभ्यासों के आदान-प्रदान में भी सक्षम होंगे। भविष्य में, इंस्टीट्यूशनल एवं रीटेल बिक्री के क्षेत्र में दोनों संगठनों की शेयर्ड लर्निंग, साझेदारी को लक्ष्य किये गये मार्केट भूभागों में बाज़ार हिस्सा बढ़ाने में मदद करेगी।
आगे चलकर, विकेन्द्रीकृत (डी-इंटीग्रेटेड) स्टील निर्माण एवं प्रोडक्ट मिक्स एवं लॉजिस्टिक लीवर्स को अधिक से अधिक बढ़ाने की उसकी परिणामी सुगमता की अवधारणा पर आधारित सुविधाओं की ज़्यादा बेहतर संरचना के अवसर से साझेदारों को वृहत स्तर पर लाभ होगा।
यह मिलन विश्व की सबसे प्रशंसनीय एवं लाभकारी स्टील कंपनी बनने की दिशा में की गयी एक साझेदारी है। यह दो ऐसे उद्यम (एंटरप्राइज़ेज़) जिसने अबतक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है, के साथ आने एवं एक दूसरे की सामर्थ्य का उपयोग करते हुए एक दीर्घकालिक वैश्विक स्टील उद्यम खड़ा करने की इच्छा की अभिव्यक्ति एवं दूरदर्शिता भी है। |