टाटा स्टील लिमिटेड ने दिसम्बर 2005 में सिआम सीमेंट कंपनी थाइलैंड की शत प्रतिशत अनुषंगी (सब्सिडिएरी) - सीमेंथाई होल्डिंग कंपनी के साथ, अपने शेयरों की प्राप्ति एवं निश्चित शर्तों पर टाटा स्टील थाइलैंड में अतिरिक्त इक्विटी के निवेश हेतु एक निश्चायक समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किया।
समझौते के अनुसार, सीमेंथाई होल्डिंग कंपनी जिसके पास टाटा स्टील थाइलैंड के 40 प्रतिशत इक्विटी स्टेक हैं (टाटा स्टील द्वारा नये शेयरों के सौदे से पूर्व), ने ऐच्छिक (वॉल्युंटरी) टेंडर प्रस्ताव के तहत अपने शेयर टाटा स्टील को बेच दिये जाने पर सहमति जतायी है। यह वॉल्युंटरी टेंडर प्रस्ताव, पूर्व शर्तों के अनुसार, टाटा स्टील थाइलैंड के सभी इक्विटी एवं प्रिफरेन्स शेयरों की ख़रीददारी हेतु टाटा स्टील द्वारा बनाया जायेगा। इस सौदे के पूर्व की शर्तों में, टाटा स्टील थाइलैंड की विस्तारित पूँजी के 24.99 प्रतिशत स्टेक के मूल्य के बराबर नये शेयरों को जारी किये जाने पर, शेयरधारक एवं ऋणदाताओं से स्वीकृति लेना; टाटा स्टील थाइलैंड पर शत प्रतिशत विदेशी अधिकार को प्रभावी बनाने हेतु टाटा स्टील थाइलैंड के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन; एवं थाइलैंड में निवेश-बोर्ड (बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट) सहित रेग्यूलेटरी स्वीकृति शामिल है।
टाटा स्टील थाइलैंड, तीन ऑपरेटिंग कंपनियों - द सिआम आयरन ऐंड स्टील कंपनी (2001), द सिआम कंस्ट्रक्शन स्टील कंपनी एवं एनटीएस स्टील ग्रुप, के आपस में मिलने से वर्ष 2002 में अस्तित्व में आयी और आज थाइलैंड की प्रमुख स्टील उत्पादक कंपनी है। कंपनी, थाइलैंड के स्टॉक एक्सचेंज की सूची में शामिल है और इसके 40 प्रतिशत हिस्से पर सीमेंथाई होल्डिंग कंपनी का अधिकार है। शेष इंस्टीट्यूशनल एवं रिटेल निवेशकों के बीच बँटा हुआ है। कंपनी की तीन ऑपरेटिंग यूनिटों के स्टील उत्पादन की कुल क्षमता, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस के ज़रिये, 1.2 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जबकि लांग प्रोडक्ट की रोलिंग क्षमता 1.7 मिलियन टन प्रति वर्ष है।
यह निवेश टाटा स्टील की वैश्विक पहल की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण बढ़त है और कंपनी नैटस्टील के स्टील व्यवसाय के अपने पूर्व अधिग्रहण के साथ दक्षिण पूर्व एशिया में अपने बाज़ार को विस्तार देगी। यह अधिग्रहण टाटा स्टील की नीतिपूर्ण विस्तार योजना में पूर्णतः सटीक बैठता है और इस सौदे से भविष्य में महत्त्वपूर्ण साहचर्य (सिनर्जी) लाभ मिलने की संभावना है।
इस सौदे में, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, टाटा स्टील का विशेष वित्तीय सलाहकार था। व्हाइट ऐंड केस, बैंकॉक एवं एज़ेडबी ऐंड पार्टनर्स, मुम्बई इस सौदे के क़ानूनी सलाहकार थे, जबकि डेलॉइट ऐंड टूश बैंकॉक इसके अकाउंटेंट थे।
1907 में संस्थापक श्री जे एन टाटा द्वारा स्थापित, टाटा स्टील, टाटा समूह की ध्वजवाहक है और देश का सबसे विश्वसनीय कॉर्पोरेट नाम है। इसके पास स्टील निर्माण की आधुनिकतम सुविधायें हैं और यह सबसे कम लागत पर स्टील का उत्पादन करने वाली विश्व की कुछ गिनी-चुनी कंपनियों में से एक है। वर्तमान में, यह अपने जमशेदपुर प्लांट में प्रति वर्ष 5 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करती है और हाल ही में इसने नैटस्टील एशिया, जिसकी उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 2 मिलियन टन फिनिश्ड स्टील की है, में निवेश किया है। कंपनी का ध्यान ऑटोमोबाइल व निर्माण को उन्नत बनाने पर केन्द्रित है। कॉर्पोरेट सामाजिक जवाबदेही एवं कॉर्पोरेट प्रशासन में एक बेंचमार्क बन चुकी यह कंपनी अपने कर्मचारियों और अपने आस-पास के समुदायों के जीवनस्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
टाटा स्टील थाइलैंड, थाइलैंड की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी है जिसकी उत्पादन क्षमता 1.7 मिलियन टन है। इसमें निर्माण-क्षेत्र (कन्सट्रक्शन) के लिए लांग प्रोडक्ट एवं ऑटो उद्योग के लिए इंजीनियरिंग स्टील शामिल है। साराबुरी, रेयोंग एवं चोनबुरी प्रांत में इसके तीन ऑपरेटिंग प्लांट हैं।
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