एशिया की पहली और भारत के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी एकीकृत स्टील कंपनी, टाटा स्टील अपने दीर्घ आवधिक लक्ष्य एवं नीतियों के तहत, ग्रीनफील्ड प्रोजेक्टों की स्थापना अथवा भारत एवं विदेशों में क्षमताओं के अधिग्रहण द्वारा विश्वस्तरीय स्टील निर्माता बनने की महत्त्वकांक्षी योजना रखती है।
बांग्लादेश प्रोजेक्ट की संभावनायें
अपने दीर्घ आवधिक लक्ष्य एवं नीतियों के अनुरूप, टाटा स्टील, बांग्लादेश के पश्चिमी हिस्से में प्रति वर्ष 2.4 मिलियन टन की क्षमता वाले गैस आधारित ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट की स्थापना एवं दिनाजपुर ज़िला में प्रति वर्ष 6-7 मिलियन टन की क्षमता वाले कोल माइन के विकास हेतु बांग्लादेश सरकार के साथ बातचीत कर रही है। इस स्टील प्लांट से बांग्लादेश को हॉट रॉल्ड क्वॉयल्स की घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने में स्वनिर्भरता हासिल होगी तथा इस कोल माइन से प्राकृतिक गैस के लिए बांग्लादेश की बाहरी निर्भरता में कमी आयेगी।
ज्वाइंट एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट पर हस्ताक्षर
इसी संदर्भ में, टाटा समूह के चेयरमैन, श्री रतन एन टाटा ने 13 अक्तूबर 2004 को, बांग्लादेश में अब तक के सबसे बड़े, 3 बिलियन डॉलर के निवेश के लिए, एक ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) पर हस्ताक्षर करने हेतु ढाका का दौरा किया। इस अवसर पर, श्री टाटा ने अपने संबोधन में बांग्लादेश को संभावनापूर्ण बताते हुए कहा कि बांग्लादेश में निवेश के लिए कोई तैयार नहीं था, जब तक कि आधारभूत संरचना का निर्माण न हो, जबकि आधारभूत संरचना का निर्माण निवेश से ही हो सकता है। श्री टाटा ने आगे कहा कि हमने अपने विश्वास के आधार पर क़दम बढ़ाया है।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
इस निवेश के साथ-साथ समूह द्वारा किये जाने वाले अन्य निवेश से बांग्लादेश के सकल घरेलू उत्पाद में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी तथा देश के लोगों के लिए रोज़गार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, इससे बांग्लादेश को विदेशी मुद्रा अर्जित करने एवं उसे संजोने में भी मदद मिलेगी।
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